JugJugg Jeeyo Review

JugJugg Jeeyo Review: शादियों को सफल बनाने की दिलचस्प कहानी, नीतू और अनिल कपूर की दमदार अदाकारी

Facebook
Telegram
WhatsApp
LinkedIn

JugJugg Jeeyo Review: शादियों को सफल बनाने की दिलचस्प कहानी, नीतू और अनिल कपूर की दमदार अदाकारी : दो जान पहचान वाले युवा शादी करते हैं और नौबत पांच साल में ही तलाक की आ जाती है। दूसरा दंपती सीनियर है। ऊपर ऊपर सब ठीक चल रहा है। बेटी की शादी होने वाली है। लेकिन, पिता को अब भी प्यार की तलाश है। पत्नी उसका ख्याल तो रखती है लेकिन उसके साथ वह रोमांटिक नहीं हो पाता है। फिल्म ‘जुग जुग जियो’ एक तरह से धर्मा प्रोडक्शंस की ही 21 साल पहले रिलीज हुई फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ का न्यू मिलेनियल्स के लिए बना मॉडर्न संस्करण है।

Jug Jugg Jeeyo Movie review: UAE स्थित फिल्म समीक्षक उमैर संधू ने ट्विटर पर ‘जुग जुग जियो’ की पहली समीक्षा साझा की, जो सोशल मीडिया पर काफी अटैंशन ग्रैब कर रहा है। उमैर ने ट्विटर पर अपना रिएक्शन देते हुए फिल्म को साढ़े तीन स्टार्स दिए हैं।

ये उस दौर की कहानी है जिसमें बाप को पटरी पर लाने के लिए बेटे को मैदान में उतरना होता है। मैदान में परिवार की तीनों शादियां हैं। दो हो चुकी हैं, तीसरी होने वाली है। इस तीसरी शादी की तैयारियों के बीच ही घर की दो शादियों के तार बिखर रहे हैं। फिल्म ‘जुग जुग जियो’ तीनों शादियों को उलट पलट कर, बदल बदल कर अलग अलग नजरिये से परखती है। त्याग, बलिदान, अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और उम्मीदों व भरोसों की नावों पर सवार ये कहानी जिंदगी की असली हकीकतों की मंझधार में हिचकोले खाते आगे बढ़ती है।

JugJugg Jeeyo Review

Jug Jugg Jeeyo Movie review: अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिल पर राज करने वाले बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन (Varun Dhawan) की मोस्ट अवेटेड फिल्म  ‘जुग जुग जियो’ (Jug Jugg Jeeyo) आज यानि 24 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इसमें अभिनेत्री कियारा आडवाणी (Kiara Advani) अनिल कपूर (Anil Kapoor), नीतू कपूर  (Neetu Kapoor), मनीष पॉल  (Maniesh Paul) और प्राजक्ता कोली (Prajakta Koli) भी भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का निर्देशन राज मेहता ने किया है।  ‘जुग जुग जियो’ का प्रोडक्शन धर्मा प्रोडक्शंस और वायकॉम18 स्टूड‍ियोज ने किया है। 

उमैर संधू ने ट्वीट करते हुए लिखा – ‘जुग जुग जियो’ का पहला रिव्यू ओवरसीज सेंसर की तरफ से। निश्चित है कि फिल्म हिट साबित होगी। इसकी स्मार्ट लेखन, शानदार ह्यूमर और दिल छू लेने वाली भावनाएं इस फिल्म के तीन स्तंभ हैं। चौथा स्तंभ फिल्म के मुख्य कास्ट  की परफॉर्मेंस है। यह साल 2022 की बेस्ट फैमिली एंटरटेनिंग फिल्म साबित होगी। अनिल कपूर, वरुण धवन, कियारा आडवाणी और मनीष पॉल की ये फिल्म फुल पैसा वसूल फैमिली एंटरटेनिंग है।’

ऐसे में ‘जुग जुग जियो’ के रिलीज होते ही इसका फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले दर्शकों ने फिल्म के लिए अपने रिएक्शन ट्विटर पर साझा किए हैं। तो आइए जानते हैं फैंस ने फिल्म पर कैसे रिएक्ट किया है।

‘इंसान या तो शादीशुदा हो सकता है या खुशहाल हो सकता है, दोनों कभी नहीं हो सकता’ निर्देशक राज मेहता की फिल्म ‘जुग जुग जियो’ में शादी से जुड़ा यह डायलॉग भले मजाकिया अंदाज में आता है, मगर यह सवाल जरूर दे जाता है कि कौन-सी शादी परफेक्ट होती है? वह जो लंबे प्यार-रोमांस के बाद एक-दूसरे को परखने के बाद की जाती है, लव मैरिज या फिर घरवालों की पसंद से की गई अरेंज मैरिज? या फिर महज सेटल होने के लिए किया गया विवाह? शादी, रिश्तों की उलझन और तलाक जैसे मुद्दों पर बॉलिवुड में कई साल से फिल्में बनती आ रही हैं, मगर डायरेक्टर राज मेहता ने इस संवेदनशील विषय को कॉमिडी, इमोशन और थोड़ा नाटकीय बना कर इस ढंग से परोसा कि फिल्म हंसते-खेलते कई मुश्किल सवालों के जवाब दे जाती है।

‘जुग जुग जियो’ की कहानी

कनाडा में बाउंसर का काम करने वाले कुक्कू (वरुण धवन) और एचआर डिपार्टमेंट में ऊंची पोस्ट पर काम करने वाली नैना (कियारा आडवाणी) की शादी टूटने की कगार पर है। हालांकि ये वही आइडल लव बर्ड्स हैं, जिनका प्यार स्कूल में परवान चढ़ा और जवान होते-होते दोनों प्यार से शादी के बंधन में बंध गए थे। मगर शादी के पांच साल में बहुत कुछ बदल गया है और दोनों के बीच की दूरी खाई बन चुकी है। दोनों अपने परिवार को अपने तलाक लेने के मुश्किल फैसले के बारे में बताना चाहते हैं, मगर इधर पंजाब में कुक्कू की बहन गिन्नी (प्राजक्ता कोली) की शादी है और तब ये दोनों तय करते हैं कि शादी तक वो एक खुशहाल कपल होने का नाटक करेंगे। कहानी उस वक्त एक नाटकीय मोड़ ले लेती है, जब कुक्कू को पता चलता है कि उसके पिता भीम (अनिल कपूर) उसकी मां गीता (नीतू कपूर) के साथ अपनी 35 साल की आदर्श कहलाने वाली शादी को तोड़कर अपने प्यार टिस्का चोपड़ा के साथ जाना चाहते हैं।

‘जुग जुग ज‍ियो’ का ट्रेलर

कहानी में एक पेंच और भी है। जिस शादी को लेकर गिन्नी इतनी जोशीली दिखती है,असल में वह भी किसी और से प्यार करती हैं, मगर परिवार की इज्जत और अपने सेटल होने की उम्मीद में वह अरेंज मैरिज के लिए राजी हो जाती है। इन सब मुश्किलों के बीच परिवार में उस वक्त तूफान आ जाता है, जब सभी किरदारों को एक-दूसरे की शादी की असलियत पता चलती है। समाज और दुनिया के लिए आदर्श दिखने वाली इन शादियों का अंत क्या होता है? क्या भीम अपनी प्रेमिका के पास जा पाता है? क्या गिन्नी घरवालों के सामने अपने प्यार का खुलासा कर पाती है? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

‘जुग जुग जियो’ का रिव्यू

रिश्तों की दरार और तलाक के मुद्दे पर जब फिल्म की शुरुआत होती है, तो मन में यह सवाल जरूर उठता है कि निर्देशक राज अगले पड़ाव में क्या नया परोसेंगे? मगर फिर यह कहानी रिश्तों के ताने-बानों के साथ कई दिलचस्प मोड़ लेती है। कहानी में पत्नी के ज्यादा कमाने पर पति के अहम को पहुंचने वाली ठेस, शादी के बाद मां बनने का प्रेशर, शादी के बाद सब सही हो जाएगा वाली सोच, सेटल होने के लिए की जाने वाली शादी जैसे कई जरूरी मुद्दों को ह्यूमरस अंदाज में पेश करती है। फर्स्ट हाफ की तुलना में सेकंड हाफ ज्यादा मजबूत है। फिल्म की लंबाई थोड़ी कतरी जानी चाहिए थी। फिल्म में ‘रिश्ता टूटने की कोई एक वजह नहीं होती, बहुत सी अधूरी लड़ाइयों की थकान होती है’ जैसे सोच को इंस्पायर करने वाले डायलॉग हैं, वहीं दुनिया का सबसे बड़ा फेस्टिवल पता है, कौन सा है? ‘घरवाली’, क्योंकि उसको बार-बार मनाना पड़ता है’ जैसे वॉट्सऐप डायलॉग भी हैं। फिल्म के कॉस्ट्यूम और सेट की भव्यता देखते ही बनती है, मगर सिनेमैटोग्राफी औसत है। म्यूजिक की बात करें, तो ‘नच पंजाबन’ गाना म्यूजिक चार्ट पर काफी ऊपर है। ‘रंगी सारी’, ‘दुपट्टा’ और ‘नैन ता हीरे’ जैसे गाने भी शानदार हैं।

उमैर संधू ने फिल्म की पहली समीक्षा साझा की

UAE स्थित फिल्म समीक्षक उमैर संधू ने ट्विटर पर ‘जुग जुग जियो’ की पहली समीक्षा साझा की, जो सोशल मीडिया पर काफी अटैंशन ग्रैब कर रहा है। उमैर ने ट्विटर पर अपना रिएक्शन देते हुए फिल्म को साढ़े तीन स्टार्स दिए हैं। ट्विटर पर अपना रिएक्शन शेयर करते हुए उमैर ने कहा कि ‘जुग जुग जियो’ का पहला रिव्यू ओवरसीज सेंसर की तरफ से है और ये फिल्म हिट साबित होगी। उन्होंने इस फिल्म को साल 2022 की सबसे बेस्ट फैमिली एंटरटेनिंग फिल्म भी बताया। 

पापा के तलाक में अटकी बेटे की प्रेम कहानी

फिल्म ‘जुग जुग जियो’ की कहानी शुरू होती है कनाडा से। कामयाबी की रफ्तार पर सवार नैना को अपनी ही कंपनी में बड़ा प्रमोशन मिला है और इसके लिए उसे अपने पति से दूर टोरंटो से न्यूयॉर्क जाना है। नैना और कुकू एक दूसरे को बचपन से जानते हैं। दोनों ने लव मैरिज की लेकिन शादी के पांच साल बाद ही दोनों का स्वाभिमान और अभिमान रिश्तों में दरार डाल चुका है। कुकू की बहन गिन्नी की भारत में शादी तय हो चुकी है और दोनों अपना तलाक इस शादी के पूरे होने तक मुल्तवी रखने की बात तय करते भारत आते हैं। कुकू के पापा भीम का कुकू की टीचर रही मीरा से अफेयर चल रहा है और शराब के नशे में भीम ये बात बेटे को बता भी देता है।

अपने तलाक की बात करने का मौका ढूंढ रहा बेटा अपने पिता की तलाक की तैयारियों की बात जानकर सन्न रह जाता है। मां परिवार में पसर चुकी इन दोनों विपदाओं से अनजान है। बेटी भी सिर्फ परिवार की आन के लिए एक अनजान से शादी के लिए तैयार हो चुकी है जबकि प्यार वह एक ऐसे युवा से करती है जो संगीत की दुनिया में अपना वजूद तलाशने का संघर्ष कर रहा है।

राज मेहता की हिंदी सिनेमा को गुड न्यूज

निर्देशक राज मेहता ने धर्मा प्रोडक्शंस और यशराज फिल्म्स में दूसरे निर्देशकों के सहायकों के रूप में लंबा वक्त गुजारा और फिर तीन साल पहले अपनी पहली फिल्म बनाई ‘गुड न्यूज’। एक गंभीर विषय को हास्य के रस में पिरोकर कहानी कहने का उनका यही अंदाज फिल्म ‘जुग जुग जियो’ की शुरुआत में भी आगे बढ़ता दिखता है। इंटरवल तक यही लगता है कि राज मेहता विषय को ठीक से पकड़ नहीं पा रहे हैं। फिल्म के अलग अलग ट्रैक में उनका निर्देशन भटकता भी नजर आता है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म की गाड़ी पटरी पर आती है और दर्शकों को अपने साथ बांधना शुरू करती है। और, इसमें राज को मदद मिलती है अनिल कपूर और नीतू कपूर की दमदार अदाकारी से। राज मेहता ने फिल्म को इसके बाद खूबसूरती से समेटा है और हर कलाकार के लिए उनकी अदाकारी साबित करने वाले अलग अलग दृश्य गढ़कर फिल्म को हैपी एडिंग तक पहुंचाया है।

अनिल और नीतू के अनुभव का आसमान

कलाकारों में फिल्म ‘जुग जुग जियो’ अनिल कपूर और नीतू कपूर के अनुभव से खाद पाती है। जब भी फिल्म जरा सी भी कमजोर होती दिखती है, अनिल कपूर अपने अतरंगी किरदार से इसमें रंग भरते हैं। अपने अफेयर की पोल खुलने पर उनका बीमार पड़ने का ढोंग कहानी को संभालता है तो नीतू कपूर जब मीरा बनी टिस्का चोपड़ा के सामने अपने पति को ‘दान’ में देने वाले दृश्य में उनकी आदतों और परेशानियों की बात करती हैं तो फिल्म खिलने लगती है।

फिल्म को इसके सहायक कलाकारों खासतौर से मनीष पॉल और प्राजक्ता कोली से भी काफी मदद मिलती है। गिन्नी का अपने माता पिता और भैया भाभी को आदर्श दंपती के खांचे में फिट न बैठ पाने के लिए लताड़ना फिल्म का हाईलाइट प्वाइंट है। और, मनीष पॉल ने अरसे से हिंदी सिनेमा में चली आ रही एक युवा हास्य कलाकार की कमी को पूरा करने की पूरी कोशिश की है। उनके वन लाइनर फिल्म की उम्दा कॉमिक रिलीफ हैं।

वरुण की संजीवनी, कियारा का करिश्मा

फिल्म ‘जुग जुग जियो’ की अंतर्धारा कुकू और नैना की प्रेम कहानी है। दोनों की शादी फिल्म की शुरुआत में ही हो जाती है। इसके बाद दोनों का पहले इस शादी से बाहर निकलने का और फिर इस शादी को बचाने का संघर्ष है। 35 के हो चुके वरुण धवन के लिए ये फिल्म सबसे कठिन चुनौती रही। उनकी पिछली फ्लॉप फिल्म ‘कलंक’ पर इसमें तंज भी है। पांच साल पहले आई फिल्म ‘जुड़वा 2’ के बाद से वरुण का करियर डगमगाता रहा है। ‘अक्टूबर’ और ‘सुई धागा’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की तारीफें हुईं पर फिल्मों की कमाई नहीं हुई। फिर ‘कलंक’, ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ और ‘कुली नंबर वन’ में तो यूं लगा कि वह रेस से ही बाहर हो जाएंगे लेकिन फिल्म ‘जुग जुग जियो’ में अपनी मेहतन से वह फिर पटरी पर लौटते दिख रहे हैं।

वरुण ऊर्जावान अभिनेता है और राज मेहता ने उनको फिल्म में बिल्कुल सही किरदार में पेश किया है। वरुण धवन ने मौके का बिल्कुल सही इस्तेमाल किया और अपना असर छोड़ने में सफल भी रहे। कियारा आडवाणी फिल्म दर फिल्म निखरती जा रही हैं। उनका अभिनय कई बार वाकई हेमा मालिनी की याद दिलाता है। वरुण धवन के साथ झगड़े वाले सीन में उनका उबल पड़ना और फिर अपनी गलती का एहसास करना उनकी अभिनय क्षमता को दर्शाता है।

संगीत सबसे कमजोर कड़ी

निर्माता करण जौहर ने फिल्म ‘जुग जुग जियो’ के लिए बिल्कुल सही कलाकारों का चुनाव किया है। फिल्म पर उनकी मेकिंग का असर भी दिखता है। भव्यता इसके सेट्स में साफ झलकती है। वेशभूषा पर खूब खर्च किया गया है और बड़े परदे के लिए जरूरी हर दृश्यावली सजाने के लिए उन्होंने पैसे की कमी नहीं दिखने दी है। फिल्म ‘जुग जुग जियो’ की दिक्कतें इसके संगीत और इसके तकनीकी टीम में हैं। फिल्म के कम से कम तीन गाने रीमिक्स हैं। ‘नच पंजाबन’ पाकिस्तानी गायक अबरार उल हक के गाने का, ‘रंगीसारी’ शोभा गुर्टू की मशहूर ठुमरी का और ‘दुपट्टा’ भी बीती सदी के हिट पंजाबी गाने का रीमिक्स है। धर्मा प्रोडक्शंस जैसी कंपनियों से हिंदी सिनेमा के संगीत का स्तर ऊपर ले जाने और मूल संगीत के लिए संजीवनी तलाशने की उम्मीद रहती है। लेकिन, फिल्म ‘जुग जुग जियो’ संगीत के स्तर पर बहुत निराश करती है। जय पटेल की सिनमैटोग्राफी औसत दर्जे की है और मनीष मोरे का संपादन भी खास प्रभावित नहीं करता। फिल्म की अवधि भी इंटरवल से पहले कम से कम 15 मिनट कम हो सकती है।

Leave a Comment

Latest Posts